Site icon Khabar24

Illegal Coal Mine Blast Meghalaya: भयावह विस्फोट में 16 मजदूरों की मौत, अवैध खनन बना काल

Illegal Coal Mine Blast Meghalaya

Illegal Coal Mine Blast Meghalaya जिले में एक अवैध कोयला खदान में हुए धमाके की जगह पर बचाव दल मौजूद हैं, जहां कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई।

Illegal Coal Mine Blast Meghalaya में बड़ा हादसा, ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले में अवैध कोयला खदान में विस्फोट से 16 मजदूरों की मौत और कई फंसे होने की आशंका। जानिए पूरी रिपोर्ट।

Illegal Coal Mine Blast Meghalaya: मेघालय में अवैध खदान विस्फोट से मचा हड़कंप

मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले से एक बार फिर Illegal Coal Mine Blast Meghalaya से जुड़ी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गुरुवार सुबह एक अवैध कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

यह हादसा न केवल मजदूरों की जान लेने वाला साबित हुआ, बल्कि एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि जब अदालतें और ट्रिब्यूनल पहले ही अवैध खनन पर रोक लगा चुके हैं, तो फिर ये खदानें कैसे चल रही हैं?

मेघालय से जुड़ी अन्य खबर से जुड़ी सभी जानकारी यहाँ देखें Illegal Coal Mine Blast Meghalaya

Highlights

क्या हुआ हादसे के वक्त?

पुलिस के अनुसार, यह Illegal Coal Mine Blast Meghalaya की घटना थांगस्कु इलाके में सुबह के समय हुई, जब खदान के अंदर मजदूर कोयला निकालने का काम कर रहे थे।

मेघालय पुलिस के डीजीपी आई. नोंग्रांग ने बताया कि अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि, खदान के अंदर उस समय कितने मजदूर मौजूद थे, इसका सही आंकड़ा अभी सामने नहीं आ पाया है।

Bill Gates Epstein Controversy: चौंकाने वाले ईमेल आरोप, ‘हर मिनट पर पछतावा’ का बड़ा कबूलनामा

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

घटना के बाद से ही पुलिस, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं।

रेस्क्यू टीम लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं क्योंकि सुरंगें बहुत संकरी हैं।

एक मजदूर घायल

ईस्ट जैंतिया हिल्स के एसपी विकाश कुमार ने बताया कि एक घायल मजदूर को पहले सुतंगा प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए शिलांग रेफर कर दिया गया है।

क्या खदान अवैध थी?

एसपी विकाश कुमार ने साफ कहा कि शुरुआती जांच में यह खदान अवैध (Illegal) प्रतीत हो रही है।

यही वजह है कि Illegal Coal Mine Blast Meghalaya मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अवैध खनन पर पहले प्रकाशित लेख

 पहले से लगा है प्रतिबंध

2014 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने मेघालय में रैट-होल माइनिंग और अन्य अवैज्ञानिक खनन तरीकों पर प्रतिबंध लगाया था।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि कोयला खनन केवल वैज्ञानिक और पर्यावरण-सुरक्षित तरीके से ही किया जा सकता है।

 क्या होती है रैट-होल माइनिंग?

रैट-होल माइनिंग में बेहद संकरी सुरंगें बनाई जाती हैं, जिनकी ऊंचाई सिर्फ 3 से 4 फीट होती है।

मजदूर इन सुरंगों के अंदर घुसकर हाथों से कोयला निकालते हैं, जो बेहद खतरनाक माना जाता है।

बड़ा सवाल: आखिर कब रुकेगी ऐसी मौतें?

Illegal Coal Mine Blast Meghalaya जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि कानून होने के बावजूद जमीनी स्तर पर उसका पालन नहीं हो रहा।

गरीब मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं, जबकि अवैध खनन माफिया मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।

India Data Centre Job Boom: NVIDIA CEO Jensen Huang का बड़ा बयान, इंटरनेट जैसी नौकरियों की बाढ़ आएगी भारत में

FAQs

Q1. Illegal Coal Mine Blast Meghalaya कब हुआ?
गुरुवार सुबह थांगस्कु इलाके में।

Q2. अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
16 मजदूरों की मौत की पुष्टि।

Q3. क्या खदान अवैध थी?
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में खदान अवैध प्रतीत हो रही है।

Q4. क्या रैट-होल माइनिंग पर बैन है?
हां, 2014 से NGT और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगाया है।

Illegal Coal Mine Blast Meghalaya मेघालय से जुड़ी अन्य  खबर यहाँ देखें

सरकारी पर्यावरण मंत्रालय की साइट से जुड़ी अन्य  खबर यहाँ देखें

PM Modi Malaysia Visit: व्यापार aur सुरक्षा par महाशक्ति फैसले, Asia Power Balance खतरे में

Exit mobile version