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India-EU Trade Deal: वैश्विक संकट और trend तनाव के बीच बड़ा झटका, history बदलने वाला समझौता

India-EU Trade Deal

India ke Republic Day में EU leaders ने मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई।

India-EU Trade Deal पर मुहर, वैश्विक अस्थिरता और व्यापार तनाव के बीच। जानिए कैसे यह historic deal भारत और यूरोप के रिश्तों को नई दिशा देगी।

India-EU Trade Deal: वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत-यूरोप का ऐतिहासिक कदम

जब पूरी दुनिया Trade Wars, टैरिफ तनाव और भू-राजनीतिक संघर्षों से जूझ रही है, उसी समय India-EU Trade Deal पर मुहर लगना एक बहुत बड़ा और दूरगामी संकेत माना जा रहा है। यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के रिश्तों में नए युग की शुरुआत है।

नई दिल्ली में हुए India-EU Summit के दौरान, European Commission President और European Council President ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर इस लंबे समय से लंबित समझौते को अंतिम रूप दिया। गणतंत्र दिवस समारोह के तुरंत बाद हुआ यह ऐलान कूटनीति, सम्मान और व्यापारिक साझेदारी का मजबूत संदेश देता है।

भारत-ईयू संबंध इतिहास)
European Commission Official Website)

दो दशकों की मेहनत का नतीजा

भारत और यूरोप 2004 से Strategic Partners हैं, जबकि दोनों के बीच राजनयिक संबंध 1962 से हैं। India-EU Trade Deal को आकार देने में लगभग दो दशक लगे।

इस समझौते के तहत—

आयात-निर्यात शुल्क (Tariffs) में कमी

व्यापार नियमों में सरलता

सेवा क्षेत्र में नया विस्तार

सप्लाई चेन अधिक मजबूत

विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता संतुलित और भविष्य-दृष्टि वाला है।

भारत की व्यापार नीति)

वैश्विक उथल-पुथल में सशक्त संदेश

अमेरिका की सख्त टैरिफ नीति, रूस-यूक्रेन युद्ध और सप्लाई चेन की समस्याओं के बीच, India-EU Trade Deal यह साफ संदेश देता है कि भारत और यूरोप खुले, पारदर्शी और नियम-आधारित व्यापार में विश्वास करते हैं।

यह डील बढ़ते Economic Nationalism के खिलाफ एक मजबूत स्टैंड है।

व्यापार और निवेश के नए अवसर

यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग USD 136 billion तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद, व्यापार पूरी क्षमता पर नहीं है।

FTA के बाद—

भारतीय IT, फार्मा और टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ा फायदा

यूरोपीय कंपनियों को भारत के मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में नई opportunities

World Economic Forum Trade Reports)

सिर्फ व्यापार नहीं, रणनीतिक साझेदारी

India-EU Trade Deal रक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करेगा।

2022 में बना India-EU Trade and Technology Council इसका प्रमाण है कि Trade और Technology अब National Security से सीधे जुड़े हैं।

Connectivity और IMEC को मजबूती

India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) जैसे mega projects को इस समझौते से strong economic backbone मिलेगा। एशिया से यूरोप तक भरोसेमंद और sustainable connectivity बनाने का यह shared vision है।

IMEC प्रोजेक्ट विवरण)

गणतंत्र दिवस का प्रतीकात्मक महत्व

EU leadership का गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना यह दर्शाता है कि यूरोप भारत को सिर्फ बाजार नहीं बल्कि strategic global partner मानता है।

चुनौतियां अभी भी बाकी

Market access, पर्यावरण मानक, श्रम कानून और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मतभेद रहे हैं। लेकिन बदलते global scenario ने दोनों पक्षों को समझौते की तरफ प्रेरित किया।

disclaimer:

India-EU Trade Deal भारत और यूरोप के रिश्तों में एक historic मोड़ है।

अनिश्चित दुनिया में यह डील साफ संदेश देती है:
टकराव नहीं, सहयोग
अलगाव नहीं, integration

यह समझौता आने वाले दशकों तक global trade और geopolitics की दिशा तय करेगा।

EU की शीर्ष नेतृत्व ने भारत के गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जैसा कि Indian Ministry of External Affairs और Reuters ने रिपोर्ट किया।

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