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Operation Sindoor: भारत की विनाशकारी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन, दुश्मनों के लिए बड़ा झटका

Operation Sindoor

Operation Sindoor को 77वें गणतंत्र दिवस परेड में त्रि-सेना की झांकी के जरिए दिखाया गया, जो भारत की संयुक्त सैन्य शक्ति और आतंक के खिलाफ कड़े रुख को दर्शाता है।

गणतंत्र दिवस परेड में दिखी ‘Operation Sindoor’ की झलक, त्रि-सेना के संयुक्त पराक्रम का प्रदर्शन

नई दिल्ली:
देश की राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों की त्रि-सेना (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) के संयुक्त शक्ति प्रदर्शन ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दौरान प्रदर्शित किए गए विशेष त्रि-सेना झांकी (Tableau) में ‘Operation Sindoor’ को प्रमुख रूप से दर्शाया गया, जो पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों के खिलाफ भारत का एक बड़ा सैन्य अभियान माना जा रहा है।

इस झांकी की थीम ‘विक्ट्री थ्रू जॉइंटनेस’ (संयुक्तता के माध्यम से विजय) रखी गई थी, जो यह दर्शाती है कि आधुनिक युद्ध के दौर में तीनों सेनाओं का आपसी तालमेल और संयुक्त रणनीति कितनी अहम भूमिका निभाती है। झांकी के जरिए यह संदेश दिया गया कि भारतीय सेना अब एकीकृत योजना, समन्वित कार्रवाई और सटीक क्रियान्वयन के साथ किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक:

वायु सेना, नौसेना और थल सेना की संयुक्त ताकत का प्रदर्शन

झांकी में यह दिखाया गया कि कैसे Operation Sindoor के दौरान:

भारतीय वायु सेना ने दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए

नौसेना ने समुद्री सीमाओं पर अपनी मजबूत पकड़ बनाते हुए रणनीतिक बढ़त हासिल की

थल सेना ने ज़मीन पर आक्रामक अभियान चलाकर आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया

यह पूरा दृश्य भारत की सैन्य शक्ति और तकनीकी क्षमताओं का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार ( PIB India)

भविष्य के लिए तैयार भारतीय रक्षा बल

त्रि-सेना की यह झांकी भारतीय रक्षा बलों के उस बदलाव को भी दर्शाती है, जिसमें सेनाएं अब फ्यूचर-रेडी, टेक्नोलॉजी आधारित और मिशन-ओरिएंटेड बन रही हैं। आधुनिक हथियार प्रणालियों, उन्नत निगरानी तकनीक और रियल-टाइम इंटेलिजेंस के उपयोग ने भारतीय सेना को और अधिक सक्षम बनाया है।

कैसे शुरू हुआ “Operation Sindoor”

सूत्रों के अनुसार, Operation Sindoor की शुरुआत 7 मई की सुबह हुई थी, जब भारतीय बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकवादी शिविरों पर एक साथ कई ठिकानों पर हमला किया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य सीमा पार से हो रहे आतंकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देना था।
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पहलगाम आतंकी हमले का बदला

बताया जा रहा है कि यह अभियान पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें दो दर्जन से अधिक निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश था और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही थी।

चार दिन चला सैन्य टकराव

Operation Sindoor के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच करीब चार दिनों तक सैन्य तनाव बना रहा। इस दौरान पाकिस्तान की ओर से भारतीय शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की गई, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने इन हमलों को नाकाम कर दिया।

10 मई को संघर्षविराम

सूत्रों के मुताबिक, 10 मई को पाकिस्तान के सैन्य कमांडरों की ओर से संघर्षविराम का अनुरोध किया गया, जिसके बाद ऑपरेशन को फिलहाल रोक दिया गया। माना जा रहा है कि भारी नुकसान उठाने के बाद पाकिस्तान ने तनाव कम करने की पहल की।

गणतंत्र दिवस परेड में Operation Sindoor की झलक ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। त्रि-सेना का यह संयुक्त प्रदर्शन देश की सैन्य शक्ति, एकता और संकल्प का प्रतीक है।
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