Trump 15% Tariff को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय मूल के वकील Neal Katyal ने इसे असंवैधानिक बताया। जानिए पूरा मामला, भारत पर असर और कानूनी पहलू।
Trump 15% Tariff क्या है और विवाद क्यों बढ़ा?
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा घोषित Trump 15% Tariff अब वैश्विक बहस का विषय बन गया है। इस फैसले के तहत अमेरिका ने कई देशों पर 15% तक का आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। लेकिन इस निर्णय को लेकर गंभीर कानूनी सवाल उठ रहे हैं, खासकर इस बात पर कि क्या राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की अनुमति ऐसा कदम उठा सकते हैं।
भारतीय मूल के प्रसिद्ध संवैधानिक वकील Neal Katyal ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अगर टैरिफ इतना अच्छा विचार है, तो राष्ट्रपति को संविधान के अनुसार कांग्रेस से मंजूरी लेनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा विवाद
हाल ही में अमेरिकी Supreme Court of the United States ने 6–3 के फैसले में ट्रम्प प्रशासन के पहले टैरिफ कदमों को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा कि सरकार ने 1977 के आपातकालीन आर्थिक कानून का दुरुपयोग किया और कर लगाने की मुख्य शक्ति कांग्रेस के पास ही रहती है।
इसके बावजूद Trump 15% Tariff को नए कानूनी आधार पर लागू करने की कोशिश की गई, जिससे विवाद और गहरा गया।
कानूनी आधार पर उठे गंभीर सवाल
Katyal ने कहा कि 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 का इस्तेमाल इस तरह के टैरिफ के लिए उचित नहीं है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले खुद अमेरिकी Department of Justice ने अदालत में कहा था कि यह धारा व्यापार घाटे (trade deficit) के मामलों पर लागू नहीं होती।
उनका सीधा संदेश था:
- अगर sweeping tariffs चाहिए, तो अमेरिकी तरीका अपनाइए — कांग्रेस के पास जाइए।
अर्थशास्त्रियों का भी समर्थन
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और IMF की पूर्व अधिकारी Gita Gopinath ने भी Katyal की बात का समर्थन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि trade deficit और balance of payments deficit अलग-अलग अवधारणाएँ हैं, इसलिए कानून का उपयोग संदिग्ध है।
भारत पर क्या असर पड़ेगा?
Trump 15% Tariff का असर भारत सहित कई देशों पर पड़ सकता है। अमेरिकी White House के एक अधिकारी के अनुसार, जब तक कोई अलग व्यापार समझौता लागू नहीं होता, भारत पर भी यह शुल्क लागू रहेगा।
यह स्थिति ऐसे समय आई है जब India और United States के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए अनिश्चितता बढ़ सकती है।
Neal Katyal कौन हैं?
Neal Katyal का जन्म शिकागो में भारतीय प्रवासी माता-पिता के घर हुआ था। उन्होंने डार्टमाउथ कॉलेज और येल लॉ स्कूल से पढ़ाई की और सुप्रीम कोर्ट के जज Stephen Breyer के क्लर्क रहे।
2010 में राष्ट्रपति Barack Obama ने उन्हें Acting Solicitor General नियुक्त किया था।
वर्तमान में वे Milbank LLP में पार्टनर और Georgetown University Law Center में प्रोफेसर हैं।
उन्होंने 50 से अधिक मामलों में सुप्रीम कोर्ट में बहस की है और कई ऐतिहासिक फैसलों में भूमिका निभाई है।
Trump 15% Tariff पर आगे क्या हो सकता है?
Hinglish में समझें तो situation अभी “legally complicated” है। अगर कांग्रेस की मंजूरी नहीं मिलती, तो भविष्य में Trump 15% Tariff को फिर अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
Experts का मानना है कि यह मामला सिर्फ व्यापार नहीं बल्कि संविधानिक शक्तियों की सीमा तय करने वाला बड़ा मुद्दा बन सकता है।
US Supreme Court केस विवरण
Government trade data वेबसाइट
निष्कर्ष
Trump 15% Tariff केवल आर्थिक नीति नहीं बल्कि एक बड़ा संवैधानिक विवाद बन चुका है। Neal Katyal जैसे कानूनी विशेषज्ञों की आलोचना और सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसले को देखते हुए आने वाले समय में यह मुद्दा और गर्म हो सकता है।
भारत के लिए भी यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका सीधा असर व्यापार और निर्यात पर पड़ सकता है।
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