Khabar24

Khabar24 – Har Khabar Sabse Pehle

UK Political Crisis: Starmer पर बढ़ता दबाव, Rescue Operation से बची कुर्सी

UK Political Crisis

UK Political Crisis के बीच प्रधानमंत्री Keir Starmer की नेतृत्व क्षमता पर सवाल। Mandelson विवाद, पार्टी में बगावत और संभावित नए चेहरों की चर्चा।

UK Political Crisis: क्या ब्रिटेन नेतृत्व संकट में फंस गया है?

एक समय दुनिया के बड़े हिस्से पर राज करने वाला यूनाइटेड किंगडम आज खुद अपने राजनीतिक संतुलन को संभालने में संघर्ष करता दिख रहा है। UK Political Crisis अब केवल एक हेडलाइन नहीं, बल्कि देश की राजनीतिक हकीकत बन चुकी है।

Keir Starmer के नेतृत्व में लेबर पार्टी ने 2024 में भारी बहुमत से वापसी की थी। लेकिन हालिया सर्वे बताते हैं कि सिर्फ 18% लोग उन्हें सकारात्मक रूप से देखते हैं, जबकि लगभग 75% लोग असंतुष्ट हैं। यह गिरावट बताती है कि UK Political Crisis गहरा होता जा रहा है।

Imran Khan Health Crisis: खराब होती सेहत के बीच नई जेल में शिफ्ट करने का बड़ा फैसला

Mandelson विवाद – संकट की चिंगारी

इस पूरे UK Political Crisis की ताजा वजह बनी Peter Mandelson से जुड़ी विवादित खबरें। उन्हें अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने के फैसले ने पार्टी के भीतर असंतोष पैदा कर दिया।

Jeffrey Epstein से जुड़े ईमेल सामने आने के बाद वेस्टमिंस्टर में हलचल मच गई। पार्टी के भीतर ही कई सांसदों ने Starmer से इस्तीफे की मांग कर दी।

यह विवाद केवल एक नियुक्ति का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि नेतृत्व की विश्वसनीयता पर सवाल बन गया — और यहीं से UK Political Crisis और गहरा गया।

पार्टी में बगावत की आहट

स्कॉटिश लेबर लीडर Anas Sarwar ने सार्वजनिक रूप से Starmer के इस्तीफे की मांग की। वहीं विपक्षी दल, खासकर Conservative Party, खुलकर कह रहे हैं कि Starmer का जाना “when, not if” का सवाल है।

हालांकि अभी तक खुली बगावत नहीं हुई है, लेकिन पार्टी के भीतर बेचैनी साफ दिख रही है। कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी सामने नहीं है। Angela Rayner, Rachel Reeves या Wes Streeting जैसे नाम चर्चा में हैं, लेकिन किसी को भी सर्वसम्मति का समर्थन नहीं मिल रहा।

Shabana Mahmood: अगला चेहरा?

इसी UK Political Crisis के बीच एक नया नाम उभर रहा है — Shabana Mahmood।

बर्मिंघम में जन्मी और ऑक्सफोर्ड से शिक्षित Mahmood को एक शांत और संस्थागत नेता माना जाता है। यदि वह प्रधानमंत्री बनती हैं, तो यह ब्रिटेन के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा — दक्षिण एशियाई मूल की एक मुस्लिम महिला का नेतृत्व।

भारत के लिए भी यह महत्वपूर्ण होगा। India-UK व्यापार, टेक्नोलॉजी और डिफेंस सहयोग पहले से ही मजबूत हो रहे हैं। हालांकि कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उनकी स्थिति को नई दिल्ली ध्यान से देखेगा।

Rescue Operation: बची लेकिन कमजोर कुर्सी

Starmer की कुर्सी बचाने के लिए कथित तौर पर एक “war room strategy” अपनाई गई। उप-प्रधानमंत्री David Lammy के एक समर्थन भरे पोस्ट के बाद मंत्रियों ने सार्वजनिक रूप से Starmer के पक्ष में बयान दिए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक कई मंत्रियों को कॉल कर समर्थन संदेश जारी करने को कहा गया। यह स्वाभाविक समर्थन कम और crisis management ज्यादा नजर आया।

यही कारण है कि UK Political Crisis फिलहाल टलता दिख रहा है, खत्म नहीं हुआ।

US Iran Tension में खतरनाक मोड़: Trump का बड़ा दांव, West Asia में दूसरा Aircraft Carrier तैनात

आगे क्या?

मई के स्थानीय चुनाव और Gorton and Denton उपचुनाव Starmer के भविष्य का फैसला कर सकते हैं। अगर नतीजे खराब रहे, तो पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो सकती है।

ब्रिटेन इस समय वैश्विक अनिश्चितताओं — युद्ध, आर्थिक मंदी और लोकतांत्रिक अस्थिरता — के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में UK Political Crisis केवल एक व्यक्ति की कुर्सी का सवाल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्थिरता का मुद्दा बन गया है।

इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी ndtv, thetimeofisrail, BBC, thespactator और अन्य भरोसेमंद मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।

Donald Trump India Trade Deal: ऐतिहासिक समझौता या ऊर्जा नीति पर छिपा दबाव

88 / 100 SEO Score